अरुण जेटलीः अर्थव्यवस्था का वो पायलट जो कभी कार चलाना नहीं सीख पाया - SSC EXAM LIVE

शनिवार, 24 अगस्त 2019

अरुण जेटलीः अर्थव्यवस्था का वो पायलट जो कभी कार चलाना नहीं सीख पाया

अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार के दो सबसे बड़े कदम नोटबंदी और जीएसटी जेटली के वित्त मंत्री रहते ही उठाए गए. खास बात ये है कि मोदी राज में अर्थव्यवस्था का ये पायलट निजी जिंदगी में कार चलाने से भी परहेज करता था.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)

  • दो दशक से बीजेपी के शीर्ष नेताओं में शामिल थे जेटली
  • मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के सबसे बड़े संकमोचक थे
  • जेटली के वित्त मंत्री रहते मोदी सरकार ने की नोटबंदी
  • बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली नहीं रहे. उनका निधन भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिखती.
    अरुण जेटली पिछले लगभग दो दशक से बीजेपी से शीर्ष नेताओं में शुमार किए जाते थे. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के तो वे सबसे बड़े संकटमोचक थे. ये बात इसी से साबित हो जाती है कि वे वित्त मंत्री रहे. वैकल्पिक व्यवस्था होने तक रक्षा मंत्री भी रहे और कुछ समय के लिए उनके पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो भी रहा.
    अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार के दो सबसे बड़े कदम नोटबंदी और जीएसटी जेटली के वित्त मंत्री रहते ही उठाए गए. खास बात ये है कि मोदी राज में अर्थव्यवस्था का ये पायलट निजी जिंदगी में कार चलाने से भी परहेज करता था. उनके करीबी बताते हैं कि उन्हें ड्राइविंग करना ज्यादा नहीं आता था. जब तक उन्होंने ड्राइवर नहीं रखा तब तक उनकी पत्नी या दूसरे करीबी ही उनके लिए कार चलाया करते थे.
    2014 में बहुमत के साथ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब बीजेपी सत्ता में आई तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक मोर्चे पर ही थी. 2014 के चुनावों में मनमोहन सरकार की विदाई और कांग्रेस के 50 से कम सीटों पर सिमट जाने की एक बड़ी वजह आर्थिक मोर्चे पर यूपीए-2 सरकार की नाकामी भी थी. यही वजह है कि जब नरेंद्र मोदी ने पीएम पद की शपथ ली तो सबकी निगाहें इस बात पर थीं कि वे वित्त मंत्रालय का महत्वपूर्ण प्रभार किसे सौंपते हैं. मोदी ने अपने सबसे विश्वस्त साथी अरुण जेटली को ये जिम्मेदारी दी.
    अरुण जेटली के वित्त मंत्री रहते मोदी सरकार ने ऐसे कई कदम उठाए जिन्हें क्रांतिकारी कहा जा सकता है. नोटबंदी और जीएसटी के अलावा, योजना आयोग को खत्म कर उसकी जगह नीति आयोग का गठन, जनधन खाते, रेल बजट खत्म करना, महंगाई दर जो सात फीसदी से ऊपर से उसे तीन फीसदी से नीचे लाना, एनपीए के संकट से बैंकों को उबारने के लिए कदम उठाना जैसे कई कदम थे जिनके लिए जेटली का कार्यकाल याद किया जाएगा.
    ये अरुण जेटली ही थे जिसके चलते कम से कम आर्थिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट के बाकी सहयोगी निश्चिंत रहा करते थे. जेटली की उपलब्धियां 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए मुद्दा बनीं और नतीजे साफ करते हैं कि जनता ने उन्हें भरपूर सराहा. मोदी सरकार के पूरे कार्यकाल में मीडिया और राजनीतिक विश्लेषक उन्हें ही सरकार में नंबर-2 मानते रहे. जेटली भले ही कार चलाना न जानते हों लेकिन सरकार चलाने में उनकी कबिलियत पर किसी को कभी शक नहीं रहा.

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