राजस्थान की Gehlot सरकार में Modi-Vasundhara की दो महत्वाकांक्षी योजनाएं मर्ज, मिला 'बापू' का नाम - SSC EXAM LIVE

गुरुवार, 29 अगस्त 2019

राजस्थान की Gehlot सरकार में Modi-Vasundhara की दो महत्वाकांक्षी योजनाएं मर्ज, मिला 'बापू' का नाम


राजस्थान की Gehlot सरकार में Modi-Vasundhara की दो महत्वाकांक्षी योजनाएं मर्ज, मिला 'बापू' का नाम






राजस्थान की गहलोत सरकार ( Rajasthan CM Ashok Gehlot ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) की दो अलग-अलग महत्वाकांक्षी योजनाओं को मर्ज करने का बड़ा कदम उठा लिया है। यही नहीं, मर्ज की गई योजनाओं को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi ) के नाम से नई योजना का नाम दिया गया है।


जयपुर।


राजस्थान की गहलोत सरकार ( Rajasthan CM Ashok Gehlot ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) की दो अलग-अलग महत्वाकांक्षी योजनाओं को मर्ज करने का बड़ा कदम उठा लिया है। यही नहीं, मर्ज की गई योजनाओं को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi ) के नाम से नई योजना का नाम दिया गया है। गौरतलब है कि राजस्थान में वसुंधरा सरकार के दौरान भामाशाह बीमा योजना की शुरुआत हुई थी। जबकि पीएम मोदी की आयुष्यमान योजना को राज्य सरकार ने 25 जून को ही प्रदेश में लागू करने का फैसला कर लिया था। लेकिन योजना को किस तरह चलाया जाएगा और भामाशाह बीमा योजना का क्या होगा, इन सबको लेकर अब निर्णय किया गया है। बताया जा रहा है कि गुरूवार को बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ समारोह में भी इस निर्णय की घोषणा की जा सकती है।



एक सितम्बर से लागू होगी नई योजना

राजस्थान की भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का अब आयुष्मान भारत योजना के साथ एकीकरण किया जा रहा है। इसे 1 सितम्बर, 2019 से लागू किया जा रहा है। इस नई योजना का नाम ‘आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना‘ होगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया है।



'सरकार' गिना रही फायदे

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि इस योजना के लागू होने से प्रदेश में स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ जाएगी, साथ ही उन्हें और अधिक बीमारियों के इलाज की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को ‘स्वास्थ्य का अधिकार‘ देने के लिए कृतसंकल्पित है और आयुष्मान भारत के साथ राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजना का एकीकरण इसी दिशा में लिया जा रहा एक कदम है।



बढ़ेगी लाभार्थियों की संख्या

गहलोत ने कहा कि नई योजना के बाद प्रदेश में लाभार्थी परिवारों की संख्या वर्तमान में संचालित भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के लगभग 1 करोड़ परिवारों से बढ़कर 1 करोड़ 10 लाख से अधिक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भामाशाह योजना में कई गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिनको दूर करने के लिए नई योजना में समुचित व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए आईटी के बेहतर उपयोग के साथ-साथ, संबंधित अस्पतालों और बीमा कम्पनी के कर्मियों सहित दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के प्रावधान प्रस्तावित किए जाएंगे।



... तो इसलिए दो योजनाएं हो रही मर्ज

चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि अब दोनों योजनाएं राजस्थान में एक साथ चलेंगी। उन्होंने बताया कि भामाशाह बीमा योजना में एक करोड़ परिवारों को पहले ही योजना का लाभ मिल रहा था। अब आयुष्मान बीमा योजना में पात्र परिवार करीब 60 लाख हैं। इनमे से करीब 80 प्रतिशत ऐसे परिवार हैं, जो दोनों योजनाओं में पात्र हो रहे हैं। 20 प्रतिशत परिवार ही अतिरिक्त होंगे और इस तरह पात्र परिवारों की संख्या अब एक करोड़ दस लाख हो जाएगी।


भामाशाह के पात्र परिवारों को पहले की तरह ही मिलेगा फायदा

भामाशाह बीमा योजना के पात्र परिवारों को पहले की तरह ही बीमा योजना के पैकेज के लाभ मिलते रहेंगे। आयुष्मान के शुरू होने के बाद उनके लाभ में फिलहाल कोई परिवर्तन नहीं आएगा। वहीं माना जा रहा है कि आने वाले समय में राज्य सरकार भामाशाह के पात्रधारियों को भी आयुष्मान की तरह ही लाभ देने का निर्णय कर सकती है।



इस तरह होगा फायदा

आयुष्मान में 2 लाख से 4 लाख 47 हजार तक का बीमा पैकेज दिया जा रहा है। इसमे गंभीर, सैकंडरी सहित कम गंभीर बीमारियों में भी प्रति परिवार उपचार पैकेज 5 लाख उम्र और परिवार के आकार का बंधन नहीं है। जबकि भामाशाह बीमा योजना में गंभीर बीमारियों में 3 लाख का बीमा, सैकंडरी बीमारियों में मात्र 30 हजार का प्रति परिवार बीमा है।



गड़बडियां रोकने के लिए होगी समुचित व्यवस्था — गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भामाशाह बीमा योजना में कई तरह की गड़बडिय़ों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इसे देखते हुए अब प्रदेश में नई योजना में ऐसी गड़बडियों की रोकथाम व जिम्मेदारों पर कार्यवाही की समुचित व्यवस्था की जाएगी। उनहोंने कहा कि यह योजना राज्य में स्वास्थ्य के अधिकार की दिशा में कड़ी है।



गहलोत ने विधानसभा में भी भामाशाह बीमा योजना की गडबडियों पर चिंता जताई थी। गौरतलब है कि आयुष्मान बीमा योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पिछले कार्यकाल में देश भर में लागू किया था। लेकिन राजस्थान की तत्कालीन भाजपा सरकार ने प्रदेश में भामाशाह बीमा योजना संचालित होने का तर्क देकर उस समय इस योजना को लागू नहीं किया था।



आयुष्मान योजना

1- गंभीर, सैकंडरी सहित कम गंभीर बीमारियों में भी प्रति परिवार उपचार पैकेज 5 लाख
2- 8.03 करोड़ परिवार ग्रामीण इलाकों के इस योजना के दायरे में
3- 2.33 करोड़ शहरी परिवार इस योजना के दायरे में
4- 50 करोड़ परिवार इस योजना के दायरे में
5-- 2008 में यूपीए सरकार की ओर से शुरू की गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना भी इस योजना में शामिल
6- उम्र और परिवार के आकार का कोई बंधन नहीं है

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