जुलाई में तैयार हो जाएगा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल - SSC EXAM LIVE

मंगलवार, 15 जनवरी 2019

जुलाई में तैयार हो जाएगा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल




जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बन रहा विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल अब आकार लेने लगा है। इस पुल के तैयार होने के साथ ही हम ऊंचे पुल के निर्माण में चीन को काफी पीछे छोड़ देंगे। अर्ध चंद्राकार यह पुल हर मायने में विश्व इंजीनियरिंग की मिसाल होगा और इसकी ऊंचाई एफिल टावर से 35 मीटर अधिक होगी। इस पुल पर 100 किलोमीटर की गति से ट्रेन दौड़ सकेगी।.
जम्मू-ऊधमपुर-श्रीनगर रेल लिंक परियोजना के तहत कटड़ा-बनिहाल के बीच रियासी के कौड़ी क्षेत्र में बन रहे 1.3 किलोमीटर लंबे रेलवे पुल की ऊंचाई 359 मीटर होगी।.
यह चिनाब के जलस्तर से पुल की ऊंचाई है, जबकि नदी के धरातल से मापने पर पुल की ऊंचाई 419 मीटर है।
इस पुल के निर्माण की लागत करीब 1200 करोड़ रुपये रखी गई थी और अगले साल जुलाई माह से पूर्व इसका काम पूरा होने की संभावना है।
इसके डिजाइन में डीआरडीओ की भी अहम भूमिका रही।.
अभी तक चीन की शुईपई नदी पर बना पुल करीब 275 मीटर ऊंचा है। चिनाब नदी पर बन रहे पुल के बाद भारत चीन से यह तमगा छीन लेगा।
चिनाब पुल में ऐसी तकनीक व उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जो पूरे विश्व में अपनी तरह का प्रथम प्रयोग है। मसलन, यह पहली बार है जब इतने ऊंचे पुल के निर्माण में मेहराब तकनीक (लांचिंग आर्च) को आधार बनाया है
दुर्गम क्षेत्र में बन रहे इस पुल के निर्माण के लिए साजो सामान पहुंचाने तक के लिए सड़क भी नहीं थी। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस पुल का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले 20 किलोमीटर से लंबी सड़क और 400 मीटर की एक गुफा का निर्माण किया गया।

पुल का निर्माण कार्य 2004 में शुरू हुआ था। अब कोंकण रेलवे द्वारा अफकान कंपनी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। निर्माणकर्ता कंपनी ने पुल की मजबूती को लेकर 120 साल की वारंटी दी है, जबकि उसका दावा है कि पुल 500 साल तक टिका रहेगा। पुल की चौड़ाई 13 मीटर है। जिसमें 150 मी. ऊंचे कुल 18 पिलर होंगे। पुल पर ट्रेन और पुल के ढांचे से पुल की नींव और पिलर पर 10 एमएम वर्ग मीटर जगह में 120 टन वजन पड़ेगा। पुल की भार वहन करने की क्षमता 500 टन होगी। यह पुल 260 किलोमीटर प्रति घंटे की गति की हवाओं का वेग सहन कर सकेगा। इस पुल के निर्माण पर 24 हजार टन इस्पात का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट.

111 किलोमीटर लंबे कटड़ा-बनिहाल मार्ग पर रेल संपर्क से कश्मीर देश से सीधे रेलमार्ग से जुड़ जाएगा। फिलहाल बनिहाल से बारामूला के बीच रेल लाइन है लेकिन कटड़ा व बनिहाल के बीच रेलमार्ग नहीं है। इस काफी दुर्गम मार्ग है और इस मार्ग को पूरा करने के लिए कई पुल और गुफाओं का निर्माण किया जा रहा है। चेनाब पुल उनमें से सबसे अधिक ऊंचाई पर है।.

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें