मोदी ने 3 द्वीपों के नाम बदलने का ऐलान किया - SSC EXAM LIVE

मंगलवार, 15 जनवरी 2019

मोदी ने 3 द्वीपों के नाम बदलने का ऐलान किया




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को पहली बार अंडमान-निकोबार पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी की लड़ाई में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को याद करते हुए रोज द्वीप का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप रखने का ऐलान किया। इसके अलावा उन्होंने नील द्वीप का नाम शहीद द्वीप रखने और हैवलॉक द्वीप का नाम स्वराज द्वीप रखने का ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा, '30 दिसंबर को यहां झंडा फहराने की ऐतिहासिक घटना के आज 75 साल पूरे हो गए हैं। आज उसी की याद में यहां(पोर्ट ब्लेयर के साउथ पॉइंट) पर 150 फीट ऊंचा ध्वज फहराकर हमने अपने इस दिन को देशवासियों की चिरस्मृति में अंकित करने का प्रयास किया है।' उन्होंने एक डाक टिकट और 75 रु. का सिक्का भी जारी किया। साथ ही अंडमान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस डीम्ड यूनिवर्सिटी की स्थापना की घोषणा की। मोदी ने 2004 की सुनामी पीड़ितों की याद में बने स्मारक का दौरा किया। मोदी सेल्यूलर जेल में भी गए। यहां उन्होंने 150 फीट ऊंचा तिरंगा भी फहराया। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि जिस सेल्युलर जेल में भारत के हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने कष्ट भोगे हैं, वह मेरे लिए पूजा स्थल से कम नहीं है। ब्रिटिश शासन में कालापानी की सजा के दौरान वीर सावरकर यहीं रहे थे।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का मानना था कि जापान की मदद से भारत से ब्रिटिश हुकूमत का खात्मा किया जा सकता है। इसलिए वे द्वितीय विश्व युद्ध में जापानी सेना का सहयोग कर रहे थे और जापान भी आजादी की लड़ाई में नेताजी का समर्थन कर रहा था। जापान ने लड़ाई में अंग्रेजों से जीतकर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पर कब्जा कर लिया था। 21 अक्टूबर, 1943 को नेताजी ने आजाद हिंद सरकार बना ली। चूंकि जापानियों के साथ नेताजी के संबंध बहुत खास थे। इसलिए उन्होंने 7 नवंबर, 1943 को अंडमान-निकोबार द्वीप नेताजी की सरकार को सौंप दिया। सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर, 1943 को पहली बार अंडमान-निकोबार की धरती पर अपना झंडा फहराया।

प्रधानमंत्री ने कार निकोबार में सात मेगावॉट के सौर विद्युत संयंत्र और सौर गांव का लोकार्पण किया। उन्होंने अरोंग में आईटीआई और कार निकोबार में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। अंडमान-निकोबार के विकास के लिए सरकार ने एक योजना बनाई है। इसका नाम लक्षद्वीप एंड अंडमान डेवलमेंट स्कीम। जो भी उद्योगपति यहां इकोफ्रेंडली प्लांट लगाएंगे, उन्हें सरकार मदद देगी। इससे टूरिज्म और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

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