देशान्तर रेखाओं से समय की गणना - SSC EXAM LIVE

शुक्रवार, 31 अगस्त 2018

देशान्तर रेखाओं से समय की गणना


देशान्तर के आधार पर ही किसी स्थान का समय ज्ञात किया जाता है।

इसलिए विश्व के सभी देशों ने सर्वसम्मति से यह तय किया कि लंदन के पास ‘ग्रीनविच वेधशाला‘ से गुजरने वाली देशान्तर रेखा से गणना शुरू की जानी चाहिए । अतः इसे‘प्रधान मध्याह्न रेखा’ कहते हैं । इस देशान्तर का मान 0o है ।



इसकी बायीं की ओर की रेखाएँ पश्चिमी देशान्तर और दाहिनी ओर की रेखाएँ पूर्वी देशान्तर कहलाती हैं।

देशान्तर रेखाएँ उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव पर एक बिन्दु पर मिल जाती हैं।

ध्रुवों से विषुवत रेखा की ओर बढ़ने पर देशान्तरों के बीच की दूरी बढ़ती जाती है।

विषुवत रेखा पर इनके बीच की दूरी अधिकतम(111.32 किमी.) होती है।

पृथ्वी अपने काल्पनिक अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर धूमती है । अतः ग्रीनविच से पूर्व के स्थानों का समय ग्रीनविच समय से आगे होगा एवं पश्चिम के स्थानों का समय पीछे होगा ।

पुर्व से पश्चिम आने पर समय में कमी होगी।

पश्चिम से पूर्व आने पर समय में बढ़ोतरी होगी।

पृथ्वी 24 घण्टे में 360 देशान्तर घूम जाती है । इसलिए पृथ्वी 1 देशान्तर 4 मिनट में घुम जाती है ।

प्रत्येक देश की एक केन्द्रीय देशांतर रेखा पर समय को ही संपूर्ण देश का मानक समय माना जाता है ।

भारत का देशान्तर विस्तार 68o 07' से 97o 25' पूर्वी देशान्तर है।

भारत में 82o 30' देशान्तर रेखा को यहां की मानक मध्याह्न रेखा माना जाता है ।

हमारे देश का मानक समय ग्रीनविच मीन टाइम से 5 घण्टे 30 मिनट आगे है ।

क्योंकि भारत ग्रीनवीच 0o से 82o 30' या 82.5o डिग्री आगे है।

1 देशान्तर 4 मिनट अतः 82.5 * 4 = 330 मिनट या 5 घण्टे 30 मिनट आगे है।

कुछ देशों का देशान्तरीय विस्तार अधिक है| इसलिए वहां सुविधा के लिए एक से अधिक मानक समय मान लिए गए हैं । जैसे कि रूप में 11 मानक समय हैं ।

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